शनिवार, 6 जुलाई 2024

जैसे कुछ लिख देने से

 


जैसे कुछ लिख देने से

बन ही जाती है
कविता, नज़्म, रुबाई...!
मन में अनुराग भरा हो तो
एक दिन हो ही जाता है प्रेम...!
जंगल में पेड़ों के नीचे
चुपचाप खड़े हो
तो सुनाई देने लगती है
ओस की आवाज़ें...!
डूबने से डरने वालों को
डुबा ही लेती है किताबें..!
ज्ञान की थाह बना ही देती है
'ज्ञानेन्द्रपति'...!
उड़ने की चाह एक दिन
पंख उगा ही देती है...!
मन के द्वंद्वों का ज़वाब ढूंढते
कई लोग बन जाते हैं 'बुद्ध...!'
विचारों की भट्टी तपाते हुए
एक दिन 'अज्ञेय' बना ही देती है...!
आकाश गंगाओं की दूरी पाट कर भी
रुह अपना ठिकाना ढूंढ लेती है..!
जानती हूं ...
एक दिन तुम भी मुझे
मिल ही जाओगे !!

शुक्रवार, 19 अप्रैल 2024

मैने किताबें मांगी

 मैने किताबें मांगी

मुझे चूल्हा मिला...
मैने दोस्त मांगा
मुझे दूल्हा मिला...
मैने सपने मांगे
मुझे प्रतिबंध मिले...
मैने संबंधी मांगे
मुझे अनुबंध मिले..
कल मैने धरती मांगी थी
मुझे समाधि मिली थी
आज मैं आकाश मांगती हूं
मुझे पंख दोगे..?


न जाने कौन सी कहानी
उदास है ज्यादा...
वो औरत
जो थी इतनी मजबूर
कि बेचना पड़ा उसे अपना वक्त
अपनी मुस्कुराहट
अपना जिस्म...!
या
वो मर्द
जो पड़ गया था इतना अकेला कि
खरीदना पड़ा उसे
दूसरे का वक्त
दूसरे की मुस्कुराहट
दूसरे का जिस्म..!!

अब कौन?

 अब कौन?.

रोज़ रोज़ खुदा ढूंढे,
जिसको न मिला वही ढूंढे,
रात आयी है तो सुबह भी होगी,
आधी रात में कौन? सुबह,
ढूंढे.
ज़िंदगी है तो जी!.?. खोल कर
जियो, रोज़ कौन क्यूं जीने,
की वजह
ढूंढे.
चलते, फिरते, पत्थरों- के शहर
में, पत्थर खुद..
पत्थरों, में,
खुदा,,
ढूंढे.
धरती को जन्नत बनाना है अगर
हर शख्स इंसानं में इंसान,
ढूंढे.
💫


सोमवार, 12 फ़रवरी 2024

हम दौड़ क्यो रहे है।

 सबसे पहले हम अपने आप से पूछे की हम दौड़ क्यो रहे है।

सबके दौड़ने के कारण अलग अलग होते है।
शेर दौड़ता है अपने शिकार को पकड़ने के लिए
हिरण दौड़ता है अपनी जान बचाने के लिए।
अभी हम लोग सिर्फ एडिक्शन या लत के कारण दौड़ रहे है।
किसी को आर्मी में जाना है या पुलिस में भर्ती होना है।
किसी को डॉक्टर ने राय दी है इसलिए दौड़ रहा है।
मैं स्विमिंग करता था 2013 के पहले मैंने हाई बी पी और अस्थमा के लिए दौडना शुरू किया ।
हम सब की उम्र अलग होती है,सबका व्यवसाय अलग होता है घर की परिस्थितिया अलग अलग होती है। किसी को वर्कआउट करने के बाद दिन भर काम करना है।किसी को कम कार्य करना है ।इस पर भी वर्कआउट निर्भर करेगा।
हमे हमारी प्राथमिकता तय करनी होगी ।क्या जरूरी है ।क्या नही ।
एक फार्मूला सब पर सही नही बैठता है।
एक दिन में कोई चैंपियन भी नही बनता है।
लोग कामरेड जा रहे है तो हमे भी जाना है भले ही कर्ज लेकर जाए क्या ये सही है क्या???
अपनी नौकरी ,काम धंधा छोड़कर वर्कआउट के लिए पागल होना सही नही है।
हर व्यक्ति को तय करना चाहिए की मुझे दौड़ में क्या करना है ।
कम उम्र के बच्चों को 18 से 22 साल वालो को जिला,राज्य,और देश के लेवल पर खेलने का टारगेट रखना चाहिए।
छोटी दौड़ 400,800,1500,3000,5000,मीटर पर फोकस करे क्यो 21 और 42 km करे ,क्यो खरदुल्ला लदाख करे ये मैराथन सिर्फ endurance के लिए है जो सभी जिम्मेदारियों से मुक्त है वो करे।
साल में एक या 2 फुल करे ज्यादा कीड़ा काटता हो तो अन्यथा 20 मिनट रोज दौड़ ले तो ही हम फिट रह सकते है।उसने ये सब किया तो मैं भी ये करूँगा गलत बात है।
हर व्यक्ति को आत्मचिंतन करना चाहिए की हम अपने आप से क्या चाहते है।
कितना वर्कआउट ज्यादा है हमारे लिए ये लक्ष्मण रेखा भी खुद को ही खींचनी होगी।
आर्गेनाइजर तो इवेंट करवाते रहेंगे ।

शनिवार, 9 दिसंबर 2023

गोरापन, पतलापन, रेशमीपन और सेक्सीपन बेचना बन्द नही करेंगे

 





वो तुम्हें गोरापन, पतलापन, रेशमीपन और सेक्सीपन बेचना बन्द नही करेंगे...

या कहेंगे, खूबसूरत हो,ये साबुन खरीदो..
लेकिन बेपनाह खूबसूरती का तिलिस्म किसी साबुन, क्रीम या लोशन में कैद नहीं...
वो तुम्हारे अन्दर है, इसका एक नाम है.. खुशी...!
बला की खूबसूरती के लिए वो करो,
जो तुम्हें खुशी दे...
बनो हर उम्र की और वो उम्र छुपाओ मत..!
हवा की सरगोशी से बेहतर कंडीशनर और कोई नहीं..
मस्त रहो...
गैर निगाहों से बेपरवाह...
नया हुनर सीखो...
नई कला रचो...
झूमो , कि ज़िन्दगी हिंडोला लगे...
इश्क़ करो..
जात - पात और जेंडर की परवाह किए बिना..
इश्क़ आज भी पाक है..!

बेरोकटोक खेलो...

हर जीत का जश्न मनाओ..
लड़ो...
अपनी सही सोच के लिए...
वो जंग जीतो...!
अपनी स्किन या झड़ते बालों की फिक्र छोड़ो...
मुकम्मल कोई नहीं..!
कभी कभी खुलकर रोना दवा है, दुआ भी..!
झुको, पर खुद के लिए..!
असली जेवर पहनने का असली होने से कोई रिश्ता नहीं..!
सफर करो..
नज़र बदलो...
दिल से गिल्ट निकाल फेको..
ये बेमानी है..!
झूम के नाचो... बिंदास..
जानो कि..


ऐसा कोई डिप्रेशन नहीं जो चॉकलेट या किताब दूर न कर सके..!
हर उस शख्स को भगाओ जो तुम्हारी अपनी दुनियाँ में दखल दे..!
अपने पंख पसारो..
आजादी से बेहतर खुशी दूजी नहीं..!
कभी दूसरों की मुस्कुराहट में अपनी खुशी ढूढ़कर देखो..!
ग़र अन्दर से खुश हो तो बाहर खूबसूरती झलकेगी ही..
क्योंकि खूबसूरती ज़िस्म में नहीं रुह में बसती है..!!

बुधवार, 27 सितंबर 2017

बदल दिए हमने जिंदगी के उसूल


1.  ऐसी तकदीर न पाई थी कि तुमको पा सकता…
    ऐसी याद्दाश्त न मिली थी कि तुमको भुला सकता..
2.मैंने भी बदल दिए है, ज़िन्दगी के उसूल, अब जो याद करेगा सिर्फ वही याद रहेगा|

3. पगली तू सिर्फ Status देख, प्यार तो अपने आप हो जायेगा

4. न फिक्र कर कि “ज़माना सोचेगा क्या…!!” ज़माने को अपनी ही फिक्र से फुर्सत कहां।

5. हमारे दोस्त महान हैं, दुश्मन हमारे पसन्दीदा मेहमान हैं, और हमारी पगली हमारी जान हैं

6. मुझे खैरात में मिली खुशियाँ अच्छी नहीं लगती, मैं अपने गमो में भी रहता हूँ नवाबो की तरह।

7. मैं रात भर जन्नत की सैर करता रहा यारों, सुबह आँख खुली तो देखा सर माँ के कदमो में था।

8. औकात की बात मत कर पगली, हम तो Autograph देने के लीए 2-3 आदमी रखते है

9. लोग हमारे बारे में क्या सोचते हैं, अगर ये भी हम ही सोचेंगे, तो फिर लोग क्या सोचेंगे ?

10. बुरे वक़्त में भी एक अच्छाई होती है, जैसे ही ये आता है, नाम के दोस्त विदा होता जाते हैं।

11. यदि तुम्हे कोई नज़र अंदाज कर दे तो बुरा मत मानना, लोग अक्सर बर्दास्त से बहार महँगी चीज को नजर अंदाज कर देते हैं।

12. विश्वास एक छोटा शब्द है, उसको पढने में तो एक सेकेंड लगता है, सोचो तो मिनट लगता है, समझो तो दिन लगता है, पर साबित करने में तो जिंदगी लग जाती है।

13. इस ज़माने में वफ़ा की तलाश न कर मेरे दोस्त, वो वक्त और था जब मकान कच्चे और लोग सच्चे हुआ करते थे।

14. वो सपने सच नहीं होते जो सोते वक्त देखे जाते हैं , सपने वो सच होते हैं जो आपको सोने नहीं देते।

15. हमारी रगों में वो खून दोड़ता है, जिसकी एक बूंद अगर तेजाब पर गिर जाए तो तेजाब जल जाये !

16. ज़िन्दगी के बदल जाने में कभी वक्त नहीं लगता, पर कभी-कभी वक्त बदल जाने में पूरी ज़िन्दगी लग जाती है ।

17. इस दुनिया में बिना स्वार्थ के सिर्फ माता-पिता ही प्यार कर सकते हैं।

18. हमारी गोली जान नही लेती बोस, दुसरो के अन्दर जानवर जगा देती हे

19. मैं वो खेल नहीं खेलता जिसमें जितना तय हो, क्योंकि जीतने का मजा तब है जब हारने का रिस्क हो

20. कुछ ऐसा काम करो कि आपके माता-पिता अपनी प्रार्थना में कहें ” हे प्रभु ! हमें हर जन्म में एसी ही संतान देना।”

21. Photo क्या देखती है मेरी Jaan, एक बार Dil में उत्तर के देखपूरी जन्नत दिखेगी

22. नाख़ून बढ़ने पर नाख़ून ही काटे जाते हैं, उंगलिया नहीं, इसी तरह रिश्तों में दरार आ जाए तो दरार को मिटाएं, रिश्ते को नहीं।

23. ज़िन्दगी का पहला कपड़ा लंगोट – जेब नहीं , जिंदगी का आखिरी कपड़ा कफ़न-जेब नहीं, फिर सारी जिंदगी जेब भरने की खटपट क्यों ?

24. ज़रुरत तोड़ देती है इंसान के गुरुर को, न होती कोई मज़बूरी तो हर बन्दा खुदा होता।

25. एक लड़की‬ आकर बोलती है, मुझे आपसे मिलना है, मै ने बोला ये‪ टोकन‬ ले और लाइन मे लगजा

बुधवार, 31 मई 2017

वो पढ़ेगी, वो उड़ेगी बिटिया

बेटी है हर घर का गहना 
बिन बेटी घर घर ना रहता 
बेटियां सबकी जान है, 
ये जहान है
पिता की है लाडली, 
मां की प्यारी 
भाइयों की शान है, 
इस देश की है जान
वो पढ़ेगी इस जहान में 
उड़ेगी इस खुले आसमान में, 
"सपने जो देखें है, 
खुली आंखों से पूरे करने है 
ख्वाबों की उड़ानें उन आंखों में,
पर लगे हैं उन सपनों पर 
कदमों तले है आसमान "
हौसले है बुलंद,
कुछ करके दिखाना है
इस जहां  मे अपना नाम बनाना है..
"ना सर झुकाऊंगी
 ना हाथ बढ़ाऊंगी
 मुझमें हिम्मत है, 
 कुछ करके दिखाऊंगी"
जब तक अपनो का साथ है, 
हर घर की बेटी 
इस देश की जान है.. 
"हमें बढ़ना है, 
हमें उडना है, 
कुछ करना है, 
कुछ बनना है, 
कुछ बनना ह"..
हम हैं इक फूल कमल का, 
पानी दो तो खिल जाएगें 
बिन पानी मिट्टी में ही मिल जाएंगे.. 
मुझे बोझ ना समझो इस दुनिया में, 
बेटा नहीं तो क्या हुआ 
हौसलें है बुलंद 
बेटा बनकर कुछ करके दिखाऊंगी, 
इस जहां में अपना नाम बनाऊंगी.....

मेरे परिवार में हम चार भाई-बहन थे

 मेरे परिवार में हम चार भाई-बहन थे — मैं, और मेरी तीन बहनें। दो बहनें बड़े शहरों में अच्छे घरों में ब्याही गई थीं, और एक थी राधा… जो किस्मत ...